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गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों से उज्जैन स्मार्ट-सिटी बना – श्रीमहंत लालबाबा


उज्जैन में अप्रैल-मई में होने वाला सिंहस्थ अद्वितीय होगा। राज्य सरकार ने सिंहस्थ के लिये गुणवत्तापूर्ण कार्य करवाये हैं। इन कार्यों से उज्जैन स्मार्ट-सिटी बन गया है। राज्य सरकार ने अखाड़ों में स्थायी निर्माण कार्य भी करवाये हैं। इससे अखाड़े भी सँवर गये हैं। यह बात श्री पंचअग्नि अखाड़ा, उज्जैन के कुंभ प्रभारी श्री महंत सुदामानंद ब्रह्मचारी जी लाल बाबा ने कही है।

श्री शंभु पंचअग्नि अखाड़ा सदावल मार्ग उज्जैन में राज्य सरकार ने 35 लाख की लागत से बाउंड्री-वॉल निर्माण और 15 लाख की लागत से देवास गेट पर अखाड़े में निर्माण कार्य करवाये हैं। अखाड़े की ओर से 20×24 वर्गफीट का आम जनता के लिए भोजनालय निर्माण, माँ गायत्री माता की 45×45 वर्ग फीट की चरण पादुका निर्माण और 24×24 वर्ग फीट की यज्ञशाला का निर्माण कार्य करवाया गया है।

यजुर्वेद के श्लोकों से वैचारिक महाकुंभ का भूमि-पूजन

उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की मध्यावधि में ग्राम निनौरा में वैचारिक महाकुंभ होगा। महाकुंभ का भूमि-पूजन सोमवार को यजुर्वेद के श्लोकों से भगवान श्री गणेश की वंदना के साथ हुआ। महाकुंभ 12-13 और 14 मई को होगा। इस वैचारिक महाकुंभ का मूल उद्देश्य विश्व-कल्याण, जन-कल्याण और आत्म-कल्याण के लिए है। भूमि-पूजन में सिंहस्थ केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष श्री माखन सिंह, परिवहन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, विधायक डॉ. मोहन यादव शामिल हुए।

खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के लिये संयुक्त कार्रवाई

उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के मद्देनजर जिला प्रशासन के 5 मुख्य विभाग ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर त्रिवेणी झोन के होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट में संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पाँच विभाग की संयुक्त कार्यवाही के दौरान प्रकरण भी बनाये गये। यह कार्रवाई सोमवार को प्रात: 11 से शाम 6 बजे तक गहन रूप से की गयी। कार्रवाई में खाद्य विभाग द्वारा प्रकरण बनाते हुए 7 घरेलू सिलेंडर जब्त किये गये। खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा कई रेस्टोरेंट और ढाबों से खाद्य सामग्री के सेम्पल भी लिये गये। इसके अलावा नाप-तौल विभाग द्वारा भी 3 प्रकरण दर्ज किये गये। खाद्य विभाग को पिछले कुछ दिनों में ढाबों, होटलों एवं रेस्टोरेंट की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। खाद्य एवं औषधि विभाग के निरीक्षक ने पनीर, दही, लड्डू आदि का सेम्पल लेते हुए एक्सपॉयरी डेट के कोल्ड्रिंक्स प्राप्त किये। विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 का उल्लघंन करने पर भी 3 प्रकरण बनाये गये हैं।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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