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रेल मंत्री ने आरामदेह यात्रा सुनिश्चित करने और रेल प्रणाली की मजबूती के लिए चार सेवाओं/पहलों का शुभारंभ किया


भारतीय रेलवे की ई-केटरिंग सेवाओं को 45 मौजूदा प्रमुख स्टेशनों से विस्तारित कर अब 408 निर्दिष्ट स्टेशनों  पर सुलभ कराया गया

हमें यात्रियों की आकांक्षाओं को पूरा करना है : सुरेश प्रभु

ई-गवर्नेंस से भारतीय रेलवे के कामकाज में निष्पक्षता आयेगी : मनोज सिन्हा

प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के अनुरूप रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने आज नई दिल्‍ली स्थित रेल भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में चार सेवाओं/पहलों का शुभारंभ किया, जो ये हैं: (I) ई-केटरिंग सेवाओं को मौजूदा 45 बड़े रेलवे स्‍टशनों से विस्‍तारित कर सभी 408 ‘ए-1’ और ‘ए’ श्रेणी के रेलवे स्‍टेशनों पर सुलभ कराया गया। (II) रियायती पास परप्रत्यायित पत्रकारों के लिए ई-टिकट बुकिंग सुविधा का शुभारंभ (III) यातायात को तर्कसंगत बनाना- बीसीएन वैगनों में 2-प्‍वाइंट लोडिंग की नीतिगत अनुमति और मिनी-रेक सुविधा के दायरे का विस्‍तार कर इसे बीसीएन और बीसीएनएचएल वैगन दोनों में ही 400 किमी. से बढ़ाकर 600 किमी. करना (IV) कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्‍टरी (रेल मंत्रालय की एक उत्‍पादन इकाई) में उपार्जन लेखांकन एवं उन्नत लागत निर्धारण प्रणाली की शुरुआत पर प्रायोगिक अध्‍ययन का शुभारंभ। रेल बजट घोषणा के क्रियान्‍वयन के तहत इन सेवाओं/पहलों का शुभारंभ किया गया है। रेल राज्‍य मंत्री श्री मनोज सिन्‍हा की गरिमामयी उपस्थिति में इन सेवाओं/पहलों का शुभारंभ किया गया। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री ए. के. मित्तल, रेलवे बोर्ड में सदस्‍य यातायात श्री मोहम्‍मद जमशेद और बोर्ड के अन्‍य सदस्‍यगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि जिस तरीके से भारतीय रेलवे विभिन्‍न यात्री सेवाओं का शुभारंभ कर रही है, उसे देखते हुए 90 फीसदी सांसदों ने रेलवे में नई संस्‍कृति लाने के लिए रेलवे का धन्‍यवाद किया है। उन्‍होंने कहा कि सुनियोजित ढंग से अथक प्रयासों के साथ हर यात्री सेवा का शुभारंभ किया जा रहा है। ई-केटरिंग योजना के विस्‍तारीकरण के तहत रेल यात्रीगण अपने पसंदीदा भोजन का ऑर्डर 408 निर्दिष्‍ट प्रमुख रेलवे स्‍टेशनों पर अग्रणी निजी केटरर को दे सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि महिलाओं द्वारा अपने घरों पर पकाये गये भोजन भी इस योजना में शामिल किये जायेंगे, जिसके जरिये भी महिला सशक्तिकरण संभव हो पायेगा। प्रत्‍यायित पत्रकारों को ई-टिकटिंग सेवा देने का उल्‍लेख करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि पत्रकारों की ओर से लम्‍बे समय से यह मांग की जा रही थी कि रियायती पास के जरिये ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा दी जाये। यह मांग अब पूरी कर दी गई है। यही नहीं, कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्‍टरी में उपार्जन लेखांकन एवं उन्‍नत लागत निर्धारण (कॉस्‍टिंग) प्रणाली की शुरुआत पर प्रायोगिक अध्‍ययन के शुभारंभ की अन्‍य पहलों की खूबियों का उल्‍लेख करते हुए श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि भारतीय रेलवे के पास विशाल सम्‍पत्ति है, जिसकी उचित निगरानी करने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने कहा कि रेलवे लागत एवं प्रबंधन प्रणाली को उन्‍मुख और एकीकृत करना चाहती है। उन्‍होंने कहा कि खर्च करना कोई खास बात नहीं है, लेकिन इससे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण यह है कि किये गये खर्च के वांछित परिणाम प्राप्‍त हों। श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि 7 जोन पहले ही इस योजना को लागू कर चुके हैं, ताकि खर्चों के वांछित परिणाम सामने आ सकें, जो यह योजना का शुरू करने का एकमात्र उद्देश्‍य है।

इस अवसर पर रेल राज्‍य मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे ई-गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया पहलों के जरिये भारतीय रेलगाडि़यों में नई संस्‍कृति ला रही है। उन्‍होंने कहा कि इन सेवाओं से रेलयात्रियों को काफी सहूलियत होगी।

उपर्युक्‍त सेवाओं की खास बातें निम्‍नलिखित हैं:    

·         आरम्‍भ में ई-के‍टरिंग अथवा ई-खानपान सेवा विशेष रेलगाडि़यों में सुलभ कराई जाती थी और इसे उन रेलगाडि़यों में मुहैया कराया जाता था जिनमें पैंट्री कार या ट्रेन साइड वेंडिंग नहीं होती थी।

·         सितम्‍बर 2015 के दौरान एक प्रमुख पहल के तहत इस योजना को ट्रेन विशेष ई-के‍टरिंग के बजाय स्‍टेशन आधारित ई-के‍टरिंग में तब्‍दील कर दिया गया।

·         पहले चरण में 45 प्रमुख स्‍टेशनों पर प्रायोगिक परियोजना शुरू की गई।

·         इन स्‍टेशनों से यात्रा करने वाले लोग अब इन स्‍टेशनों से गुजरने वाली सभी रेलगाडि़यों में ई-केटरिंग सुविधाएं पा सकते हैं।

·         आईआरसीटीसी विशिष्‍ट फोन नम्‍बर/वेबसाइट/एसएमएस/मोबाइल एप इत्‍यादि के जरिये भोजन की बुकिंग की सुविधा दे रही है।

·         चार अंकों वाले (1323) अखिल भारतीय टोल फ्री नम्‍बर के साथ एक मोबाइल एप आईआरसीटीसी द्वारा लांच किया गया है।

·         ई-केटरिंग के अंतर्गत वेंडरों के रूप में कुछ महिला स्‍वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का पैनल बनाने की प्रक्रिया भी जारी है।

·         ई-केटरिंग सेवाओं के जरिये अपने भोजन की बुकिंग कराने के लिए हर दिन लाखों यात्रियों को ईमेल भेजी जाती हैं।  

     रियायती पास पर प्रत्‍यायित पत्रकारों के लिए ई-टिकट बुकिंग सुविधा का शुभारंभ

 

   रेल बजट 2016-17 में किये गये वायदे पर अमल करते हुए भारतीय रेलवे ने पत्रकारों के लिए ई-बुकिंग सेवा शुरू करने की घोषणा की है जिससे वे अब उपलब्‍ध रियायती पास पर टिकट की बुकिंग करा सकेंगे।

     अब तक पत्रकारों को रियायती पास पर टिकट बुकिंग की सुविधा केवल पीआरएस काउंटरों पर ही उपलब्‍ध थी। इस लांचिंग के साथ ही वे अब भारतीय रेलवे की ई-टिकटिंग प्रणाली www.irctc.co.in का उपयोग करते हुए इंटरनेट पर टिकट की बुकिंग कर सकते हैं।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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