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महिला शक्ति को सम्मानित कर हौसला बढ़ाने की जरूरत – राजेन्द्र शुक्ल


आर्थिक सम्पन्नता के लिये महिलाओं को आगे लाना होगा – मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह

विभिन्न क्षेत्र की महिलाओं को मिला तेजस्विनी सम्मान

जनसंपर्क एवं ऊर्जा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से आत्म-निर्भर बनाने के लिये उनका सम्मान कर हौसला बढ़ाना होगा। श्री शुक्ल आज समन्वय भवन में न्यूज चेनल आईबीसी-24 द्वारा विभिन्न क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को तेजस्विनी सम्मान देने के बाद संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह और पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस भी मौजूद थे।

श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भारत में महिलाओं को सम्मान देने की गौरवशाली परम्परा रही है। यही कारण है कि महिलाएँ भी अपनी अन्य जिम्मेदारी निभाने के साथ बच्चों को शिक्षित और संस्कारित करती आयी हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बेटी बचाओ अभियान के माध्यम से समाज को महिलाओं के महत्व से अवगत करवाया है। मध्यप्रदेश के बेटी बचाओ अभियान की प्रेरणा से पूरे देश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू हुआ है।

श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान को सदैव महत्व दिया जाता रहा है। आजादी के बाद देश में महिलाओं का सशक्तिकरण बहुत तेजी से हुआ है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सम्पन्नता के लिये महिलाओं को आगे लाना होगा। श्री सिंह ने बताया कि महिलाओं के हित और कल्याण के लिये मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा कार्य हुए हैं।

श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा कि औरत होने का मतलब कोई कमजोरी या नि:शक्तता नहीं है। नारी ईश्वर की अनमोल कृति है। उन्होंने कहा कि भारतीयता ही समस्त संसार की स्त्री-शक्ति को जीवित रख सकती है। पुरुष, स्त्री को तथा स्त्री देश-समाज को सशक्त करती है।

कार्यक्रम में अतिथियों ने ग्वालियर की तैराक सुश्री रजनी झा, सागर की केबल संचालक सुश्री शिल्पा गुप्ता, भोपाल की फैमिली काउंसलर श्रीमती रीता तुली, सरपंच कु. भक्ति शर्मा, दिव्यांग प्रतिभा कु. पूनम श्रोती, रायपुर की ज्योतिषी सुश्री रूपाली श्रीवास्तव, रीवा की चिकित्सक डॉ. गीता बनर्जी, सतना नगर निगम की महापौर श्रीमती ममता पाण्डे, जबलपुर की रिसर्च स्कॉलर सुश्री अनामिका सिंह, इंदौर की चिकित्सक डॉ. भक्ति यादव, ग्वालियर में मूक-बधिरों की शिक्षक सुश्री मेघा गुप्ता, पशुओं के सेवा कार्य से जुड़ी सुश्री अलका गुप्ता तथा इंदौर में नो-स्मोकिंग अभियान शुरू करने वाली बालिका कु. दिशा तिवारी को तेजस्विनी सम्मान प्रदान किया।

आईबीसी-24 के उपाध्यक्ष श्री विवेक पारिख ने अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट किये।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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