You are here:  / देश / रीवा / रीवा मे शीघ्र हो लो-कास्ट एयरपोर्ट का निर्माण-उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल

रीवा मे शीघ्र हो लो-कास्ट एयरपोर्ट का निर्माण-उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल

रीवा हवाई पट्टी के विकास कार्य को उड़ान योजना में शामिल किया जाए
अनरिजर्वड लो-कास्ट एयरपोर्ट के रूप में हो विकास
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने केन्द्रीय उड्डयन मंत्री श्री सुरेश प्रभु से की मुलाकात

अनरिजर्वड लो-कास्ट एयरपोर्ट के रूप में हो विकास
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने केन्द्रीय उड्डयन मंत्री श्री सुरेश प्रभु से की मुलाकात
उद्योग तथा खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री सुरेश प्रभु से मुलाकात कर रीवा हवाई पट्टी के विकास कार्य को आरसीएस-उड़ान योजना की तीसरे चरण की बिडिंग में शामिल करने का आग्रह किया। साथ ही इसे अनरिजर्वड लो-कास्ट एयरपोर्ट के रूप में विकास करने का भी अनुरोध ‍किया है। यह कार्य एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जाना है।

उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि रीवा क्षेत्र में औद्योगिक विकास और बड़े पैमाने पर नहर सिंचाई कार्य के फलस्वरूप क्षेत्र का बहुत तेजी से विकास हो रहा है। कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना की संभावना काफी बढ़ गई है। इसके अलावा रीवा के पास मुकुंदपुर में प्रसिद्ध महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी शुरू होने से वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की संभावनाएँ बहुत बढ़ गई हैं।

श्री शुक्ल ने श्री प्रभु को बताया कि 13 जनवरी 2015 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री और 26 मई 2015 को नागरिक उड्डन विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर रीवा हवाई पट्टी के विकास के लिए एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया द्वारा प्री-फीजिबिलिटी सर्वे करवाने का आग्रह किया था। अक्टूबर 2015 में अथारिटी की टीम ने रीवा में यह सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की। मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव विमानन ने 17 मार्च 2016 को एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर बताया था कि मध्यप्रदेश सरकार की मंशा है कि अथारिटी द्वारा रीवा हवाई पट्टी का विकास किया जाये।

उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि 1991 में वायुदूत द्वारा रीवा हवाई पट्टी से सतना-भोपाल फ्लाइट चलाई जा रही थी। हाल ही में वेंचूरा एयरलाइन्स द्वारा 2003 से भोपाल-रीवा फ्लाइट दो वर्ष तक चलाई गई। इस प्रकार इस हवाई पट्टी और इसका क्षेत्रफल 9/18 सीटर एयरक्राफ्ट के लिए उपयुक्त हो गया है। हवाई पट्टी की वर्तमान लम्बाई 1180 मीटर से बढ़ाकर 1400 मीटर कर दी गई है।

श्री शुक्ल ने कहा कि हाल ही में केन्द्रीय मंत्रि-परिषद ने 50 अनारक्षित और अनसर्वड हवाई पट्टियों के चरणबद्ध तरीके से विकास का अनुमोदन किया है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से आग्रह किया कि रीवा हवाई पट्टी को आरसीएस-उड़ान योजना के तीसरे चरण के बिडिंग में शामिल कर एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया द्वारा इसका अनरिजर्वड लो-कास्ट एयरपोर्ट के रूप में विकास किया जाये।

YOU MIGHT ALSO LIKE

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked ( * ).