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रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना में शेष कार्य जुलाई माह तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें – उद्योग मंत्री

उद्योग मंत्री ने परियोजना स्थल का भ्रमण कर अद्यतन प्रगति की जानकारी ली

विश्व की सबसे बड़ी सौर परियोजना रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना प्रदेश की नहीं अपितु राष्ट्र की महत्वाकांक्षी परियोजना है जिस पर सम्पूर्ण विश्व की निगाहें टिकी हैं। सौर परियोजना के क्षेत्र में एक ही स्थान पर 750 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजना को विकसित करने का यह प्रदेश का प्रथम प्रयास है। जिसका सौभाग्य रीवा को मिला है। अतः इसके शेष सभी कार्य जुलाई तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करायें ताकि अगस्त माह में भारत के प्रधानमंत्री जी के कर कमलों से इसे लोकार्पित कराया जा सके। इस आशय के निर्देश उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने परियोजना स्थल का भ्रमण कर समीक्षा बैठक में दिये।
उद्योग मंत्री ने पैनल निर्माण हेतु एजेंसियों महेन्द्रा, एक्मे एवं सोल एनर्जी के मेगावाट पैनलिंग के कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक यूनिट हेतु पृथक-पृथक पुलिंग उप केन्द्र के निर्माण के संबंध में पूँछताछ की। जिस पर उन्हें बताया गया कि यूनिट 2 व 3 का कार्य पूर्णता की ओर है। उद्योग मंत्री ने यूनिट एक के निर्माण में गति लाने के निर्देश विद्युत विभाग के अधिकारियों को दिये। बैठक में उद्योग मंत्री ने पावर ग्रिड का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उद्योग मंत्री जी को अवगत कराया गया कि आगामी माह अप्रैल 2018 से आंशिक विद्युत उत्पादन प्रस्तावित है। पावर ग्रिड को 23 मार्च को चार्ज कर दिया जायेगा तत्पश्चात यह मेन सिस्टम 400/220 से जुड़ जायेगा। निरीक्षण भ्रमण के दौरान उद्योग मंत्री ने आउट डोर पैनल का लोकार्पण किया।

उल्लेखनीय है कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना 1605.867 हे. भूमि में स्थापित की जाकर 750 मेगावाट की तीन यूनिट 250-250 में विभक्त किया गया है। यह परियोजना देश की प्रथम एवं एकमात्र सौर पार्क परियोजना है। जिसे वर्ल्ड बैंक से आर्थिक मदद मिली है। यह न्यूनतम टैरिफ दर 2.97 रूपये प्रति यूनिट प्राप्त करने में अति महत्वपूर्ण साबित हुई। साथ ही इसे प्रधानमंत्री नवाचार पुस्तिका में भी सम्मिलित किया गया है। रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना माडल को नवाचार एवं उत्कृष्टता के लिये वर्ल्ड बैंक प्रेसीडेंट अवार्ड भी दिया जा चुका है। परियोजना से उत्पादित बिजली में से 75 प्रतिशत राज्य द्वारा क्रय की जायेगी शेष ओपन एक्सेस के माध्यम से दिल्ली मेट्रो को विक्रय की जायेगी।
बैठक में में अनुविभागीय अधिकारी अरूण विश्वकर्मा, कार्यपालन यंत्री ऊर्जा विकास निगम एस. एस. गौतम सहित पावर ग्रिड, विद्युत विभाग तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि, नगर पंचायत अध्यक्ष गुढ़ विष्णु प्रकाश मिश्र, देवेन्द्र पाण्डेय बेधड़क, डॉ. ओम प्रकाश मिश्रा, साबिर खान, सतीश नामदेव उपस्थित थे।

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