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मार्च तक रीवा शहर के प्रत्येक घर मे मीठा पानी पहुंचा दिया जायेगा – उद्दोग मंत्री श्री शुक्ल


मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के द्वितीय चरण अन्तर्गत 132.45 लाख रूपये लागत से निर्मित 10 लाख लीटर क्षमता की सुन्दर नगर जल प्रदाय टंकी का आज उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने लोकार्पण किया। उन्होंने टंकी से जुड़े नल खोलकर इसे आम जनता के लिये समर्पित किया।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री ने कहा कि रीवा को आदर्श नगर बनाने की दिशा में एक कड़ी और जुड़ गई। शहरवासियों के प्रत्येक घर में मार्च तक शुरू मीठा पानी पहुंचाने का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने बताया कि शहर में नवीन फिल्टर प्लांट निर्माण, पुराने फिल्टर प्लांट का नवीनीकरण पाइप लाइन विस्तार व टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है ताकि आगामी 25 वर्षों तक शहर की जनता को मीठे व शुद्ध पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने वार्ड क्रमांक 7 वार्ड क्र. 8 वार्ड क्र. 9 के निवासियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का नववर्ष में निदान हुआ।
उद्योग मंत्री ने कहा कि स्टेडियम तिराहे से भीम चौराहे तक सात मीटर चौड़ी सड़क बनेगी साथ ही नीम चौराहा से मनकहरी तक सीसी सड़क के नवीनीकरण का कार्य भी 2 करोड़ रूपये से कराया जायेगा तथा इसके किनारे छायादार वृक्ष भी लगाये जायेंगे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए महापौर ममता गुप्ता ने बिजली, पानी, सड़क, आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं की सौगात देने के लिये मंत्री जी को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में रीवा निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहेगा। इस अवसर पर पार्षद वार्ड क्रमांक 9 सतीश सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। स्वागत उद्बोधन देते हुए आयुक्त नगर पालिक निगम सौरभ कुमार सुमन ने बताया कि सुन्दर नगर टंकी के बन जाने से लगभग 3 हजार घरों के तेरह हजार रहवासियों को मीठा पानी मिलने लगेगा। इस टंकी से तीनों वार्ड की लगभग 10 किलो मीटर पुरानी पाइप लाइनों को जोड़कर पर्याप्त प्रेशर के साथ पानी सप्लाई प्रारंभ कर दी गयी है। उन्होंने समय से पूर्व कार्य पूरा करने वाली सीएमआर कम्पनी को भी धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर पालिक निगम सतीश सोनी, पार्षद अर्चना मिश्रा, शिवदत्त पाण्डेय, प्रकाश सोनी, नीरज पटेल सहित मोहल्लावासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सम्पत्तिकर अधिकारी अरूण मिश्रा ने किया। कार्यपालन यंत्री शैलेंद्र शुक्ल के आभार ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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