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उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने किया बोदाबाग से करहिया सड़क का भूमिपूजन


सिरमौर रोड से करहिया तक की सड़क क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी सौगात है – मंत्री श्री शुक्ल, रीवा में बनेगा दस करोड़ की लागत से खेल परिसर – मंत्री श्री शुक्ल

रीवा शहर में मूलभूत सुविधाओं के लिए लगातार निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। बोदाबाग क्षेत्र, सिरमौर चौराहा क्षेत्र तथा आसपास के गांव को करहिया मण्डी से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा 12 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत से सिरमौर रोड मुख्य मार्ग से करहिया मण्डी तक 2.2 किलो मीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। उद्योग, वाणिज्य तथा खनिज मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने नीम चौराहा में आयोजित समारोह में भूमिपूजन कर सड़क निर्माण का शुभारंभ किया। इस सड़क से रीवा शहर से रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम होगा।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सिरमौर रोड से करहिया तक की सड़क बोदाबाग क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी सौगात है। यहां के निवासियों को रेलवे स्टेशन करहिया मंडी जाने के लिए अब रीवा शहर को वाहनों की भीड़ से नहीं जूझना नहीं पड़ेगा। इसके आलावा आसपास के गांव के किसान भी सीधे करहिया मंडी पहुंच सकेंगे। इसके साथ-साथ इस क्षेत्र में 24 करोड़ 78 लाख रूपये की लागत से सड़कों तथा पुलों का निर्माण किया जा रहा है। नीम चौराहे से मनकहरी होते हुये सिरमौर तक की सड़क भी मंजूर हो गयी है। करहिया से मैदानी होकर सीधे रेलवे स्टेशन जाने के लिए सड़क निर्माण किया जा रहा है। बोदाबाग से अजगरहा बाईपास तक नाली निर्माण के लिए 2 करोड़ रूपये मंजूर किये गये हैं। उन्होंने कहा कि रीवा में आईटीआई के बगल में आठ एकड़ क्षेत्र में दस करोड़ रूपये की लागत से खेल परिसर बनाया जायेगा। इसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। इसमें खिलाड़ियों को सभी प्रमुख खेलों की सुविधा मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि रीवा के विकास के लिए जरूरत हुई तो पाताल से भी राशि निकाल लेगे। रीवा शहर का विकास मास्टर प्लान के अनुसार किया जा रहा है। अच्छी सड़कों के साथ 31 मार्च तक रीवा शहर के हर मोहल्ले में मीठे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी। अब यहां के निवासियों को खारे पानी का दण्ड नहीं मिलेगा। रीवा में आगामी 25 वर्षों के लिए आवश्यक पेयजल आपूर्ति की सुविधा हो चुकी है। करहिया मंडी सड़क निर्माण की सभी बाधाएं दूर कर दी गयी हैं। इस सड़क के लिए रक्षा मंत्रालय से विशेष प्रयास करके सैनिक स्कूल से जमीन प्राप्त की गयी है। इस बदले में सैनिक स्कूल को आठ करोड़ रूपये की राशि दी जा रही है। जिससे स्कूल में भी सुविधाओं का विकास होगा। साथ ही सैनिक स्कूल को 1350 मीटर की बाउंड्रीबाल बना कर दी जा रही है।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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