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समान तिराहे में फ्लाई ओवर का कार्य स्वीकृत किया जा रहा है -उद्दोग मंत्री


उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज राजनिवास (सर्किट हाउस) में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने जिला खनिज न्यास निधि से स्वीकृत सड़कों के कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश देते हुए कहा कि नीम चौराहा से अजगरहा तक की सड़क का जो भाग शहर में पड़े उसमें चौड़ीकरण का प्रस्ताव देते हुए नाली का भी प्रावधान रखें।
उद्योग मंत्री ने बसामन मामा गौवंश वन विहार में फ्रेंसिंग कार्य को प्रारंभ कराते हुए निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किये जाने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने बताया कि रीवा शहर में रेलवे स्टेशन से रतहरा तक कंक्रीट रोड सहित समान तिराहे में फ्लाई ओवर का कार्य स्वीकृत किया जा रहा है जिसके लिये उन्होंने इस्टीमेट निर्माण के निर्देश लोक कल्याण विभाग को दिये।
रीवा शहर में यातायात के दवाब के कारण लगने वाले जाम पर चिंता व्यक्त करते हुए उद्योग मंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि दूकानों के सामने अतिक्रमण न हो तथा पार्किंग की जगह तलाशते हुए वाहन पार्क किया जाना सुनिश्चित करायें। संजय गांधी अस्पताल के समाने की नाली को पक्की संरचना से ढकने के निर्देश उन्होंने दिये ताकि वहां वाहन आदि के कारण जाम न लगे। बैठक में कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक, पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार, सीईओ जिला पंचायत मयंक अग्रवाल, आयुक्त नगर निगम सौरभ कुमार सुमन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशुतोष गुप्ता वन मण्डलाधिकारी विपिन पटेल, अनुविभागीय अधिकारी हुजूर अरूण विश्वकर्मा सहित पीडब्ल्यूडी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग के अधिकारी व विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, राजेश पाण्डेय उपस्थित थे।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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