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रीवा में बनेगा निषाद भवन -उद्दोग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल


निषाद युवा संगठन द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन एवं सामाजिक परिचर्चा में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित प्रदेश के उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि रीवा में भूमि का चयन किया जाकर निषाद भवन की स्थापना करायी जायेगी। उन्होंने मांझी समाज को आदिवासी वर्ग में शामिल किये जाने हेतु हर संभव प्रयास की बात भी इस दौरान कही।
उद्योग मंत्री ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को संगठन की ताकत से प्राप्त किया जा सकता है। माझी समाज कर्मठ, मेहनती व ईमानदार है, जिसने अपना अलग स्थान बनाया है। उन्होंने इस अवसर पर समाज के लोगों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की भी अपेक्षा की। कार्यक्रम को रामानुज सोंधिया, राजेश वर्मा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर चंद्रवती सोंधिया, सुशील वर्मा, कुबेर अग्निहोत्री, राजेश पाण्डेय सहित माझी समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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