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22 दिसम्बर को मुख्यमंत्री करेंगे विश्व के सबसे बड़े सोलर प्लांट का शिलान्यास


उद्दोग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के प्रयासों से यह सोलर प्लांट ले रहा है मूर्तरूप ।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 22 दिसम्बर को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा आयेंगे। मुख्यमंत्री बदवार में बनाये जा रहे विश्व के सबसे बड़े सोलर प्लांट रीवा अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट का समारोहपूर्वक शिलान्यास करेंगे। कलेक्टर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक ने समारोह स्थल का भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लिया उन्होंने अधिकारियों को मंच निर्माण, विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन तथा प्रस्थान की व्यवस्था एवं समारोह स्थल में अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में निर्देश दिये।
कलेक्टर ने कहा कि समारोह के साथ अन्त्योदय मेले का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें शामिल हितग्राही को बिना किसी बाधा के मंच तक पहुंचने की उचित व्यवस्था रखें। समारोह में शामिल विशष्ट व्यक्तियों तथा आमजन का आवागमन सुनिश्चित करने के लिये अलग-अलग व्यवस्था रखें। वाहनों की पार्किंग के लिये अलग-अलग स्थान निर्धारित कर दिये गये हैं। वाहनों को निर्धारित स्थल पर ही रोकने की व्यवस्था करें। समारोह स्थल में पेयजल की भी व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्य मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक आवागमन सुगम करने के लिये कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण पहुंच मार्ग में तत्काल सुधार करायें। कलेक्टर ने हेलीपैड का निरीक्षण करते हुये कहा कि हेलीपैड में सुरक्षा के आवश्यक प्रबंध करें। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता को समारोह स्थल की सुरक्षा व्यवस्था तथा वाहनों की पार्किंग के संबंध में निर्देश दिये। निरीक्षण के समय आयुक्त नगर पालिक निगम सौरभ कुमार सुमन, डिप्टी कलेक्टर के.पी.पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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