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मतदान के समय उ.प्र. म.प्र. की सीमा होगी सील


उ.प्र. के चित्रकूट और म.प्र. के सतना जिले के अधिकारियो की बैठक सम्पन्न

भारत निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 61 के उप निर्वाचन के मद्देनजर मतदान की अवधि के दौरान उ.प्र. और म.प्र. की सीमा सील की जायेगी। विधानसभा उप निर्वाचन के मदान को निर्भीक स्वतंत्र निष्पक्ष और विधिसम्यक रूप से सम्पन्न कराने के लिये सीमावर्ती क्षेत्र के जिले चित्रकूट के जिला प्रशासन द्वारा भी आवश्यक सहयोग लिया जायेगा। इस आशय का निर्णय चित्रकूट कर्वी के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी सतना मुकेश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में लिया गया। इस मौके पर चित्रकूट के डी.एम. शिवाकांत द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट प्रताप गोपेन्द्र सिंह, सतना पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर, रिटर्निंग आफीसर चित्रकूट विधानसभा ए.पी.द्विवेदी, सहायक रिटर्निंग आफीसर सुधाकर सिंह भी उपस्थित थे।
चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र उप निर्वाचन को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी सतना मुकेश कुमार शुक्ला ने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सम्पन्न कराने के लिये की जा रही व्यवस्थाओ के संबंध में जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के साथ चर्चा कर जानकारी दी। उन्होने मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने चित्रकूट जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने में सहयोग का आग्रह किया। डी.एम. चित्रकूट ने बताया कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से लगे हुये चित्रकूट विधानसभा के उप निर्वाचन के दौरान जिला प्रशासन सतना को हरसंभव सहयोग किया जायेगा।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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