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उद्योग मंत्री ने रीवा में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का शुभांरभ किया


किसानों के हित में प्रारंभ की गयी भावान्तर भुगतान योजना का आज रीवा कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को योजनान्तर्गत फसल की राशि के प्रमाण पत्र वितरित किये।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि यह योजना किसानों के लाभ व भविष्य को बनाने का कार्य करेगी। जिसके माध्यम से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल पायेगा। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है जबकि मुख्यमंत्री जी द्वारा लिये गये निर्णय के फलस्वरूप पूरे प्रदेश में भावान्तर भुगतान योजना का एक साथ शुभारंभ हो रहा है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि किसान समृद्ध हो, व खेती का लाभ का धंधा बने इसलिए प्रदेश में किसानों के हित में नवीन योजनाएं व कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। किसानों की मेहनत व प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा संचालित योजनाओं व विकास के संसाधनों की वजह से ही हमारा प्रदेश गत चार वर्षों से लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त कर रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जुड़ने हेतु पंजीयन कराने की अपील की ताकि उन्हें अपनी फसलों का अधिकाधिक लाभ मिल सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री किसानों के हितैषी हैं उनके द्वारा किसानों के लाभ के लिये अनेकानेक योजनाएं बनायी गयी हैं प्रदेश व जिले किसान इनका अधिक से अधिक लाभ लेनें हेतु पंजीयन करायें व प्रधानमंत्री फसल बीमा का भी लाभ लें। उन्होंने कम वर्षा के समय में किसानों को संयमित होकर कृषि कार्य करने की समझाइश दी। इस दौरान विधायक सेमरिया नीलम मिश्रा ने किसानों से अनुरोध किया कि भावान्तर योजना का लाभ लेने हेतु अधिक से अधिक पंजीयन करायें।
इससे पूर्व प्रभारी कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने भावान्तर भुगतान योजना क्रियान्वयन की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक जिले में लगभग दस हजार किसानों ने पंजीयन करा लिया है। भावान्तर भुगतान में जिन आठ फसलों को अधिसूचित किया गया है उनका अधिक से अधिक किसान लाभ ले सकेंगे। अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के विषय में संयुक्त संचालक मंडी ने जानकारी दी। उद्योग मंत्री सहित अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल में विभागीय स्टाल का भी निरीक्षण अवलोकन किया।
किसानों को मिले राशि प्रमाण पत्र:-  उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने पंकज सिंह पंकू, रमापति त्रिपाठी, लालमणि द्विवेदी, आशुतोष द्विवेदी, रामनरेश मिश्रा आदि कृषकों के भावान्तर भुगतान योजना के तहत राशि प्रमाण पत्र सौंपे। उन्होंने सियादुलारी कोल व सोमवती कोल सहित दस हितग्राहियों को उज्जवला योजनान्तर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किये।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष रीवा के.पी. त्रिपाठी, अध्यक्ष कृषि उपज मंडी छोटेलाल कोल, राम सिंह, अर्जुन सिंह चौहान, लल्लू प्रसाद कुशवाहा, राजगोपाल चारी, राजेश पाण्डेय, अपर कलेक्टर विनोद कुमार पाण्डेय सहित कृषि,सहकारिता, कृषि वैज्ञानिक, खाद्य विभाग के अधिकारी व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक सीएल सोनी ने किया।
 मुख्यमंत्री जी का उद्बोधन सुना गयाः- इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का खुरई से प्रसारित सीधा उद्बोधन सुना गया।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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