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रेडीमेड गारमेंट के लिए शीघ्र घोषित होगी नई पॉलिसी : उद्योग मंत्री श्री शुक्ल


औद्योगिक क्षेत्र के विकास में मध्यप्रदेश में हुए बेहतर काम : केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर

केन्द्रीय पंचायत राज, ग्रामीण विकास एवं खनन मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार सराहनीय प्रयास कर रही है। प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास के लिए भी बेहतर काम हुआ है। केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर आज ग्वालियर में रेडीमेड गारमेंट पार्क परिसर में 52 करोड़ 8 लाख रुपये के 7 कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने की।

केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में ग्वालियर का स्वर्णिम इतिहास रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार के प्रयासों से ग्वालियर में रेडीमेड गारमेंट पार्क, कालीन पार्क, स्टोन पार्क और प्लास्टिक पार्क जैसे महत्वपूर्ण काम पूरे हुए हैं। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से कहा कि वे आगे आकर उद्योग लगाएं। केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि रोजगार कार्यालयों को मॉडल कॅरियर सेंटर के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पहले चरण में देश के 100 रोजगार कार्यालयों का चयन हुआ है। इनमें ग्वालियर भी शामिल है।

उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि गारमेंट व्यवसायियों के हितों के लिए जल्द ही गारमेंट पॉलिसी की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हुई इन्वेस्टर्स समिट के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। बिजली की उपलब्धता की चर्चा करते हुए श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली के मामले में सरप्लस स्टेट है।

गारमेंट पार्क परिसर में न्यू आरपी स्पोर्ट्स इण्डस्ट्रीज में 50 लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। रेडीमेड गारमेंट कारोबार से जुड़े उद्यमियों के लिए ग्वालियर में अत्याधुनिक टैक्सटाइल इक्यूवेशन सेंटर बनाया जा रहा है। यह सेंटर रेडीमेड गारमेंट उद्यमियों के लिए प्लग एण्ड प्ले की सुविधा प्रदान करेगा।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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