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स्मार्ट सिटी इंटीग्रेटेड कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर दूसरे राज्यों के लिए बनेगा मॉडल


अमृत योजना में 94 प्रतिशत कार्य प्रारंभ
केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य सचिव ने की प्रशांसा

मध्यप्रदेश में प्रस्तावित सात स्मार्ट सिटी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर (आई.सी.सी.सी.) देश के पहले मॉडल के रूप में विकसित हैं जिसे अन्य राज्य भी अपनाएंगे। यह बात आज केन्द्रीय आवासीय एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री दुर्गाशंकर मिश्र ने आज यहाँ प्रदेश में नगरीय विकास गतिविधियों की समीक्षा के दौरान कही।

केन्द्रीय सचिव श्री मिश्र ने कहा कि प्रदेश की सातों स्मार्ट सिटी में अलग-अलग कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर के स्थान पर एक ही सेंटर बनाने का निर्णय सराहनीय है। अब एक जगह सेंटर बन जाने से लगभग 70 प्रतिशत बजट की बचत होगी। श्री मिश्र ने आवासीय योजना में क्रास सबसिडी के अनूठे प्रयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पहले से ही भारत सरकार द्वारा तय किए गए मापदण्ड को पूर्ण कर रही है।

बैठक श्री मिश्र ने वित्त पोषित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास, नगरीय परिवहन और पेयजल आपूर्ति की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर सचिव नगरीय विकास श्री विवेक अग्रवाल तथा केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य संयुक्त सचिव श्री एस.डी. मीणा उपस्थित थे।

अमृत योजना में प्रदेश में 94 प्रतिशत कार्य प्रारंभ

केन्द्रीय नगरीय विकास सचिव श्री दुर्गाशंकर मिश्र ने आज सीहोर में अमृत योजना के तहत किए गए कार्यों को देखा। उन्हें जानकारी दी गई की अमृत योजना के तहत प्रदेश में 94 प्रतिशत कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। श्री मिश्र ने प्रदेश में स्वच्छता के लिए क्लस्टर गठित कर कचरे से बिजली तथा खाद उत्पादन के कार्य की प्रशंसा की

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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