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मध्यप्रदेश की भूमि वास्तव में रत्नगर्भा है – श्री राजेन्द्र शुक्ल


खनिज एवं उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज मुबई में खनिज विभाग तथा भारतीय खनिज उद्योग फेडरेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित खनिज नीलामी पूर्व बैठक में कहा कि म.प्र. एक रत्नगर्भा राज्य है, जहां कोयला, चूना पत्थर, लौह अयस्क, बॉक्साइट तथा हीरे के प्रचुर भण्डार उपलब्ध हैं। ऐसे ही 10 भण्डारों के खनिज की नीलामी शीघ्र ही प्रस्तावित है। इनमें दमोह, धार एवं सतना के चूना पत्थर के दो-दो, रीवा और बालाघाट के बॉक्साइट, जबलपुर के लौह अयस्क तथा छतरपुर के हीरा खदानों की नीलामी प्रस्तावित है। इस संदर्भ में संबंधित कम्पनियों से विचार-विमर्श एवं सुझाव आमंत्रित किये गये, जिसमें संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, दुबई तथा इंग्लैण्ड के हीरा खनन व्यापारियों के साथ-साथ अंबुजा, प्रिज्म, अल्ट्राटेक, एसीसी इत्यादि सीमेंट कम्पनियों ने अपनी शंकाओं का निरसन किया।

श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि मध्यप्रदेश भारत देश की ह्रदयस्थली होने के साथ-साथ अकूत खनिज सम्पदायुक्त प्रदेश है। प्रदेश में कोयला, चूना पत्थर, मैगनीज, लौह अयस्क, हीरा एवं बॉक्साइट खनिज के भण्डार प्रचुर मात्रा में विद्यमान हैं तथा प्रदेश में खनिज आधारित उद्योग स्थापित हैं, जिनसे राज्य शासन को राजस्व प्राप्त होता है तथा जन-सामान्य के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का अतिरिक्त माध्यम है।

खनिज एवं उद्योग मंत्री ने जानकारी दी कि प्रथम चरण की नीलामी राज्य शासन द्वारा वर्ष 2016 में की गई थी, जिसमें हातुपुर हीरा खनिज खण्ड जिला दमोह के साथ तीन अन्य चूना पत्थर खनिज खण्डों की नीलामी की गई थी। हातुपुर खनिज खण्ड को समेकित अनुज्ञप्ति के माध्यम से बंसल ग्रुप को आंबटित किया गया, जिसका संसाधन मूल्य 107 करोड़ रुपये आंकलित कर उच्चतम बोली के आधार पर 22.31 प्रतिशत आरक्षित मूल्य के समतुल्य राशि 22.87 करोड रुपये राजस्व आय संभावित है।

श्री शुक्ल ने बताया कि वर्ष 2017 में राज्य शासन द्वारा सितम्बर-अक्टूबर माह में 10 खनिज खण्डों की द्वितीय चरण की नीलामी किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें बक्सवाहा हीरा खनिज खण्ड छतरपुर को शामिल किया गया है। सभी खनिज खण्डों को खनि-पट्टा के रूप में नीलाम किया जायेगा। इस तरह कुल 10 खनिज खण्डों के कुल संसाधन मूल्य का आंकलन 65 हजार 758 करोड़ किया गया है। इसमें से अकेले हीरा खनिज खण्ड का संसाधन मूल्य 60 हजार 687 करोड़ रुपये आंकलित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त जबलपुर जिले में आयरन और सतना, धार एवं दमोह में चूना पत्थर, रीवा और बालाघाट जिले में बॉक्साइट खनिज खण्डों को नीलामी में शामिल किया गया है। ये समस्त खनिज खण्ड 50 वर्ष की अवधि के लिए खनि-पट्टा के रूप में नीलाम किये जाएंगे।

बैठक में मध्यप्रदेश शासन के खनिज विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोहरलाल दुबे, संचालक श्री विनीत कुमार ऑस्टिन, श्री एन.के. हंस तथा श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव उपस्थित थे।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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