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रीवा जिले के ग्राम बरौ में आयुष ग्राम योजना शुरू


आयुष मिशन के तहत रीवा जिले के ग्राम बरौ में आयुष ग्राम योजना का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। इससे गाँव के प्रत्येक घर को आयुर्वेद चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी। योजना में मध्यप्रदेश के 30 गाँव का चयन किया गया है, जिसमें 5 गाँव रीवा जिले के हैं।

योजना में शामिल होने से गाँव के एक-एक घर का स्वास्थ्य सर्वेक्षण हो सकेगा। इसके बाद एकत्र सूचनाओं के आधार पर आगे की रणनीति बनायी जायेगी। हर माह प्रत्येक गाँव में दो बार स्वास्थ्य शिविर लगाये जायेंगे। लोगों को आयुर्वेद के अनुसार स्वास्थ्य रक्षा के उपाय, दिनचर्या और ऋतुचर्या का पालन करने की सलाह दी जायेगी। औषधीय पौधों का हर घर में रोपण किया जायेगा। किसानों को उद्यानिकी विभाग के सहयोग से जड़ी-बूटियों की लाभदायक खेती के लिये प्रेरित किया जायेगा।

सांसद श्री जनार्दन मिश्रा के मुख्य आतिथ्य और डॉ. राजीव मिश्रा के विशिष्ट आतिथ्य में हुए कार्यक्रम में आयुष चिकित्सकों द्वारा 710 मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क औषधि वितरित की गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ ने की। योजना के क्रियान्वयन के लिये शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रीवा को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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