समाचार

बेरोजगारी के कलंक को मिटाकर विकास की बुलंदी तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य-मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल


मध्यप्रदेश शासन के खनिज संसाधन, उद्योग एवं व्यापार मंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि देश से बेरोजगारी के कलंक को मिटाकर विकास की बुलंदी तक पहुंचाना हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि देश में युवाओं को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं और स्किलों में प्रशिक्षण देकर निरंतर रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। मध्यप्रदेश में रोजगार मेलों के माध्यम से हर वर्ष लगभग 80 हजार युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है, प्रदेश के युवा स्किल और स्वरोजगार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिये निरंतर रोजगार मेले आयोजित कर रही है, रोजगार मेले कंपनियो और प्रशिक्षित युवाओं के बीच रोजगार दिलाने में समन्वय की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग 5 लाख युवाओं ने स्किल के लिये रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होने कहा कि हम तेजी से स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में बढ़ रहे हैं आज ऑटोमोबाईल क्षेत्र, आईटी क्षेत्र, टेक्सटाईल क्षेत्र में निरंतर प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश के युवा स्किल के क्षेत्र में निरंतर परिपक्व हो रहे हैं वहीं कई औद्यौगिक इकाईयों और कंपनियों में प्रशिक्षित युवाओं की निरंतर मांग बढ़ रही है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिये और औद्यौगिक इकाईयों को प्लेटफार्म मुहैया कराने के लिये रोजगार मेले युवाओं और कंपनियों के मध्य समन्वयक का कार्य कर रहे हैं, जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं। उन्होने कहा कि गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, जातिवाद और आतंकवाद से मुक्त होकर हम विश्व गुरू की आशंदी पर बैठक सकते हैं, इसके लिये निंरतर प्रयास करने की आवश्यकता है। प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल आज शहडोल नगर के टेक्निकल ग्राउण्ड में आयोजित रोजगार मेले में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि आज शहडोल में आयोजित रोजगार मेले में लगभग 250 युवाओं को रोजगार मिला है, उन्होने कहा कि इस दिशा में और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली, पानी और भूमि की उपलब्धता और कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक होने के कारण इंदौर में आईटी हब बनाया जा रहा है। विभिन्न कम्पनियां और औद्यौगिक इकाईयां मध्यप्रदेश में अपनी इकाईयां स्थापित कर रही हैं। सतना, रीवा में सीमेंट, सिंगरौली ऊर्जा हब है। उन्होने कहा कि रोजगार बोर्ड से समन्वय स्थापित कर युवाओं को निरंतर रोजगार के अवसर मुहैया कराये जा रहे हैं। रोजगार मेले को संबोधित करते हुये जिला रोजगार अधिकारी श्रीमती सीमा वर्मा ने बताया कि रोजगार मेले में नियोजकों को आमंत्रित कर युवाओं से साक्षात्कार कराने के बाद उनकी भर्ती की जा रही है, इस क्षेत्र में शहडोल जिले को अपेक्षित सफलता प्राप्त हुई है। इस अवसर पर विधायक श्री जयसिंह मरावी, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री नरेंद्र मरावी, अध्यक्ष नगर पालिका श्रीमती उर्मिला कटारे, कलेक्टर श्री मुकेश शुक्ला एवं युवा उपस्थित थे।

Have any Question or Comment?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

Smiley face

अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


SuperWebTricks Loading...