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पीड़ित मानवता के सेवा पुण्य से दोनों लोक सुधरते हैं – उद्दोग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल


सौदामिनी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग का प्रतिभा सम्मान एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम सम्पन्न

पीड़ित मानवता की सेवा से पुण्य लाभ प्राप्त होता है। इस संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर नर्सें जहाँ भी कार्य करेंगी पूरी सेवा भावना के साथ मरीजों का ध्यान रखते हुए आत्मीयता से उनका आत्मबल बढ़ायेंगी। इस आशय के उद्गार प्रदेश के उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सौदामिनी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के प्रतिभा सम्मान एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।
उद्योग मंत्री ने कहा कि पूर्व सांसद स्व. चन्द्रमणि त्रिपाठी ने जो पौधा रोपा था वह पल्लवित, पुष्पित हो रहा है। वह दूरदर्शी व्यक्ति थे जिन्होंने ऐसे संस्थान की स्थापना की जिससे निकलने वाली पौध पीड़ित मानवता की सेवा के क्षेत्र में कार्य करती है। रीवा के मेडिकल कॉलेज सहित निर्माणाधीन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एवं देश के अन्य संस्थानों में भी यहाँ के शिक्षित छात्र/छात्राएँ अपनी सेवा दे सकेंगे। स्व. मनु त्रिपाठी के प्रयासों से संचालित इस संस्थान में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिये जाते हैं। यह संस्थान आदर्श संस्थान के तौर पर अपना स्थान बनायेगा। उन्होंने संस्थान की संयोजिका प्रज्ञा त्रिपाठी को संस्थान के सफल संचालन हेतु बधाई दी। उद्योग मंत्री ने रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना हेतु पूर्व मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को साधुवाद दिया।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि नर्सिंग सेवा का कार्य नि:संदेह सेवाभाव का सबसे बड़ा कार्य है। स्व. चन्द्रमणि त्रिपाठी के साथ बिताये अपने क्षणों को याद करते हुए श्री कुलस्ते ने कहा कि जिस प्रकार वह स्वयं भी गरीब व पीड़ितों की सेवा के लिये सतत लगे रहे उसी प्रकार उन्होंने पीड़िता मानवता की सेवा हेतु संस्थान स्थापित किया। इस दौरान विष्णुदत्त शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह संस्थान आदर्श संस्थान के रूप में स्थापित होकर शिक्षित व संस्कारित छात्र/छात्राएँ उत्तीर्ण करेगा जो सेवा के क्षेत्र में अपना अलग स्थान हासिल कर देश प्रदेश में नाम रोशन करेंगे।
इससे पूर्व संस्थान की संयोजिका श्रीमती प्रज्ञा त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में नर्सिंग छात्र/छात्राओं को कैंडिल जलाकर शपथ दिलायी गयी तथा अकादमी स्तर पर उच्च स्थान प्राप्त करने वाले छात्र/छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर कुलसचिव अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय डॉ. आनंद कांबले, संचालिका श्रीमती ऊषा त्रिपाठी, प्राचार्य सुमन सिंह सहित प्रबुद्धजन, प्राध्यापक छात्र, छात्राएँ उपस्थित थे।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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