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प्रत्येक गरीब के पास होगा स्वयं का पक्का घर – उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल


आवास हेतु 462 हितग्राहियों को वितरित किया गया लाभ पत्र

वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार तथा खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि कोई भी गरीब व्यक्ति बिना आवास के नहीं रहेगा। प्रत्येक गरीब के पास स्वयं का पक्का घर होगा। अब ये झुग्गी, झोपड़ी के सहारे नहीं रहेंगे। इन्हे आत्मविश्वास के साथ पक्के आवासों में रहने का मौका मिलेगा। मंत्री श्री शुक्ल प्रधानमंत्री आवास योजना 2022 के घटक बीएलसी के लाभार्थियों को लाभ पत्र वितरण एवं परिचर्चा तथा स्वच्छ सर्वेच्छण 2018 में जनसहभागिता विषय पर नगर निगम के टाउन हाल में आयोजित कार्यशाला में उपस्थित नगरवासियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस योजना के अन्तर्गत हितग्राहियों को प्रथम किश्त की 70 हजार रूपये की राशि का लाभ पत्र वितरित किया। कुल 462 हितग्राहियों को लाभ पत्र वितरित किये गये।
उद्योग मंत्री ने कहा कि वास्तव में किसी ने कभी नहीं सोचा था कि झुग्गी, झोपड़ी में रहने वालों को भी पक्का मकान मिलेगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिये एक अभियान चलाया है। देश भर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गरीबों के लिये पक्के आवास बनाये जा रहे हैं। गरीबों के आवास हेतु सरकार मुफ्त में जमीन उपलब्ध कराने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों को इसका लाभ मिल रहा है वे इस मौके को न गवायें। इस दिशा में तत्परता से काम करें। आवास के लिये मिलने वाली राशि का सदुपयोग करें। इस योजना को मुकाम तक पहुंचाना है तभी संकल्प से सिद्धि का मंत्र सफल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के तहत किश्त में मिलने वाली राशि की जांच कर अगली किश्त की राशि जारी की जायेगी। उद्योग मंत्री ने शहर को साफ-सुथरा बनाने और प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रीवा शहर महानगरों की श्रेणी में पहुंच गया है। मंत्री श्री शुक्ल ने क्लीन रीवा ग्रीन रीवा की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि आवास के निर्माण हेतु जो पैसा मिल रहा है यह आपकी गाढ़ी कमाई का हिस्सा है। प्रत्येक गरीब व्यक्ति का कत्र्तव्य है कि वह इस पैसे का समुचित उपयोग करे। महापौर ममता गुप्ता ने इस योजना को महत्वाकांक्षी योजना बताया। उन्होंने कहा कि हितग्राही चाहे तो स्वयं परिश्रम करके अपना घर बना सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2022 के घटक बीएलसी के तहत जिस गरीब व्यक्ति के पास जमीन का पट्टा है और आय तीन लाख रूपये से कम है उसे पक्के आवास के निर्माण के लिये ढाई लाख रूपये की राशि किश्तों में दी जायेगी। पहली किश्त के रूप में हितग्राही को 70 हजार रूपये दिये जायेंगे।
इससे पूर्व नगर निगम आयुक्त सौरभ कुमार सुमन ने आयोजित कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लोगों को स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 के बारे में अवगत कराते हुये स्वच्छता के प्रति जनसहभागिता का आव्हान किया। कार्यशाला में नगरवासियों को बड़ी स्क्रीन पर स्वच्छता और आवास योजना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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