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लोक कल्याण से जिन्हें मिलती है आत्मसंतुष्टि ऐसे हैं अपने राजेन्द्र भैया


उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, जन्मदिन विशेष
लोक कल्याण से जिन्हें मिलती है आत्मसंतुष्टि ऐसे हैं अपने राजेन्द्र भैया
बात अभी पिछले महीने की है मैं आवश्यक कार्यवश भोपाल गया था, कई लोगों के साथ मैं उद्योगमंत्री माननीय राजेन्द्र शुक्ल जी के पास बैठा था कि आपके पी.ए. ने आपको सूचना दी कि सर फला-फला व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण तथा चिकित्सकीय आॅपरेशन सफल रहा है। आपके चेहरे में आत्मसंतुष्टि की खुशी फैल गई, आप वहां उपस्थित लोगों से यह बताने लगे कि वह व्यक्ति स्वास्थ्य संबंधी कारणों से कितना परेशान था और आज सफल आॅपरेशन उसका हो गया और इससे उसका पूरा परिवार खुश है। लेकिन मैं इस दौरान यह देख रहा था कि उसके परिवार से ज्यादा खुशी माननीय उद्योग मंत्री को हो रही थी, मरीज के बारे में आपने विस्तार से चर्चा की जिससे साफ जाहिर होता था कि आपके चेतन, अवचेतन मन में पीड़ित मानवता का हित कैसे हो लोगों का भला कैसे हो यहीं चल रहा था, और लोगों को मिली खुशी से आप भी खुश थे। यह लोक कल्याणकारी स्वभाव है आदरणीय शुक्ल जी का। मैं बाद में उस व्यक्ति से मिला जिसके मरीज के बारे में आप बात कर रहे थे, उसने बताया कि माननीय के पास स्वास्थ्य संबंधी आवेदन आने पर आप उसे हाथों-हाथ लेते है और माननीय भैया जी का यह प्रयास रहता है कि तत्काल उस व्यक्ति को राहत पहुँचाई जा सकें। अगर कागजी कार्यवाही में देरी होती है तो आप स्वयं लोगों को याद दिलाते है कि उन आवेदनों पर क्या कार्यवाही हुई पता करों और जब तक सार्थक पूर्ण कार्यवाही न हो जाये तब तक उस प्रकरण का पीछा न छोड़ो, पीड़ित को सहायता मिले यही एक मात्र लक्ष्य रहता है। चाहे स्वेच्छा अनुदान की बात हो, चाहे मुख्यमंत्री सहायता कोष की बात हो या फिर अपने पास से सहायता करने की बात हो आप सदैव तत्पर रहते है। आपका कार्यालयीन स्टाफ कहता है कि भैया का सख्त निर्देश है कि ऐसे प्रकरणों में जहां चिकित्सकीय सहायता चाहिए किसी तरह का बिलम्ब न किया जाये।
आज की आधुनिक दिनचर्या में बढ़ती व्यक्तिगत समस्या और उसके कारण उपजने वाली आर्थिक तंगी एक कटु सत्य है, आज साधन सम्पन्नता बढ़ने केे साथ ही बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ा है, मैने हमेशा देखा है कि आपके पास ऐसे पीड़ितों की लाइन सी लगी रहती है क्योकि आपके सरल स्वभाव और आप पर विश्वास उन्हें यह संबल देता है कि आपके पास यथा संभव मदद जरूर मिलेगी और वह मदद आपके द्वारा मिलती भी है। लेकिन फिर भी बाहर इलाज में परेशानी तो होती ही है इसलिए आपका प्रयास रहता है कि पीड़ित व्यक्ति को इलाज उसके निवास के आप-पास मिल जाये तो ज्यादा मुनासिब रहे। इसी कड़ी में आपने जहां रीवा में पुराने चिकित्सालय को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएँ उपलब्ध कराने का कार्य किया है तो वहीं जिला अस्पताल का निर्माण कराकर इस सुविधा को बढ़ाया है
अब जल्द ही रीवा में सुपर स्पेसलिटी हास्पिटल का निर्माण पूरा होने वाला है, सुपर स्पेसलिटि हास्पिटल का काम समय पर पूरा हो, गुणवत्ता के साथ पूरा हो इसके लिए आप सतत् निरीक्षण करते है। लगभग पूर्णता की ओर अग्रसर हो रहा सुपर स्पेसलिटी हास्पिटल रीवा क्षेत्र की बड़ी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। बढ़ती आबादी और बदलती बीमारियों की प्रकृति के कारण यह सुपर स्पेसेल्टी हास्पिटल रीवा तथा विन्ध्य के लोगों के लिए वरदान सावित होगा। लोगों को स्वास्थ्य संबंधी मूल-भूत सुविधाओं से लेकर सुपर स्पेसेल्टी तक की सुविधाएं सहज उपलब्ध हो सके यह आपका सदैव प्रयास रहा है और आप इस दिशा में कामयाब भी हो रहे है। लोक कल्याण का यह बहुत बड़ा कार्य है और जब पीड़ित व्यक्ति और परिवार को आराम मिलता है तो उसकी सुखानुभूति माननीय राजेन्द्र शुक्ल को होती है।
रीवा विकास के नित नये सोपान छू रहा है, विगत हुये कार्यों का यहा संज्ञान न लेते हुए आज जो लोकार्पित होने की स्थिति में है, उनकी चर्चा पहले कर ली जाये, और जो लोकार्पित और कार्यरत् है उन पर भी प्रकाश डालने का प्रयास होगा।
स्वच्छ पेय जल विश्व की एक बहुत बड़ी आवश्यकता है। सभ्यता का विकास ही पेय जल की उपलब्धता के आधार पर होता है, और आपका यह प्रयास रहा है कि शहर को जहां पीने के लिए मीठा जल उपलब्ध हो वहीं पूरे जिले को सिंचाई के लिए प्रचुर मात्रा में जल की उपलब्धता हो, और साथ ही साथ इस जल शक्ति का उपयोग विद्युत उत्पादन में भी किया जा सकें। आप इस दिशा में पूरी तरह से सफल रहे हैं। बाणसागर का बांध पूर्ण कराकर जहां पूरे जिले को पानीदार बनाया, कृषि का उत्पादन बढ़ाया वहीं यहां के उपलब्ध जल विद्युत संयंत्रों से अच्छी मात्रा में विद्युत उत्पादकता सुनिश्चित की। सबसे अहम कार्य रीवा शहर को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए पुराने फिल्टर प्लांट का नवीनीकरण करवाना तथा अब नया फिल्टर प्लांट जिसका लोकापर्ण कल हुआ है, कर पूरे शहर को मीठा पानी देने का प्रयास है। अभी तक विडंम्बना यह थी कि रीवा में जो दो फिल्टर प्लांट कार्यरत् थे उनसे पूरे शहर को तथा शहर के दूसरे छोर तक के लोगों को मीठा पानी पहुँचाने का जिम्मा था जो सफल नही हो पा रहा था, अब जब विश्वविद्यालय के पास 13 एम.एल.डी. क्षमता के वाटर फिल्टर प्लांट का लोकार्पण आपके द्वारा किया गया है तब यह कार्य आधे रीवा को मीठा पानी देने का कार्य हुआ है। आप हमेशा अपने उद्बोधनों में कहते है कि मीठा पानी पाना जनता का मूल-भूत अधिकार है और आप उस दिशा में सतत् प्रयासरत् रहे, जिसका  सुफल परिणाम इस फिल्टर प्लांट के लोकार्पण के रूप में मिला है।
रीवा के विकास में जहां नवीन संस्थानों की स्थापना के साथ आपने पुराने संस्थानों को सुदृढ़ और सुन्दर हो इसका भी पूरा प्रयास किया है। शैक्षणिक संस्थानों का नवीनीकरण हुआ है, तो पुरानी जर्जर इमारतों की जगह नवीन इमारतें मूर्तरूप ले रही है।  आज नवीन कलेक्ट्रेट भवन कार्यरत् हो चुका है, पुराना भवन भी नवीनीकृत हो कर अपनी उपयोगिता पूरा कर रहा है, रीवा के इस नवीन कलेक्ट्रेट भवन  ने रीवा को एक नई भव्यता प्रदान की है।
रीवा के पुराने पुलिस अधीक्षक निवास की जगह स्व. राजकपूर स्मृति
आॅडिटोरियम् एवं कल्चरल सेन्टर निर्माणाधीन है जिसका अगले वर्ष अप्रैल में विन्ध्य महोत्सव के समय लोकार्पण भी संभव है, यह विन्ध्य क्षेत्र के कला प्रेमियों को प्रदेश के मुखिया माननीय शिवराज सिंह चैहान और आप की तरफ से अनुपम् सौगात है, मशहूर फिल्मकार अभिनेता स्व. राजकपूर जिन्हें लोग ‘‘द ग्रेट शो मैंन’’ के नाम से जानते है, ऐसे महान अभिनेता की स्मृति में यह आॅडिटोरियम् निर्मित हो रहा है। इस नाम करण के पीछे भी स्मृतियों का एक खजाना है, स्व. राजकपूर जी के ससुर श्री करतार नाथ मलहोत्रा रीवा राज्य के आई.जी. पुलिस थे, उनकी पुत्री कृष्णा मलहोत्रा से 12 मई 1946 को राजकपूर जी का विवाह इसी बगलें में सम्पन्न हुआ था। राजकपूर जी के पिता हिन्दी फिल्म जगत के महान कलाकार व्यक्तित्व श्री पृथ्वीराज कपूर मुंबई से बरात लेकर रीवा आये थे, और इसी पुलिस अधीक्षक बगले में राजकपूर और कृष्णा मलहोत्रा का विवाह सम्पन्न हुआ था। अभिनेता प्रेमनाथ, हास्य अभिनेता राजेन्द्रनाथ और उनके परिवार के सभी सदस्य इसी बगलें में पले बढ़े थे। तब के दरबार कालेज वर्तमान का टी.आर.एस. प्रेमनाथ और राजेन्द्र नाथ के छात्र जीवन का गवाह है। रीवा में राजकपूर जी के छोटे भाई श्री शम्मीकपूर का भी कुछ समय बीता है, जिसका शम्मीकपूर जी ने बड़े ही आदर पूर्वक वर्णन किया है और उन्होंने कहा है कि रीवा बडी ही सुन्दर आबो हवा वाली जगह है और मेरे व्यक्तित्व के विकास में मील का पत्थर है, जिसके महत्व को कभी नकारा नही जा सकता है, आपने तो यहां तक कहा कि मैं जो भी आज हूँ , उसमें रीवा का सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा योगदान है, ऐसी महान हस्ती के बड़े भाई विश्व के महान अभिनेताओं में गिने जाने वाले स्व. राजकपूर स्मृति में यह आॅडिटोरियम समर्पित है।
 
शीघ्र ही रीवा विश्वविद्यालय कुलपति को अपना नया आधुनिक सुसज्जित तथा विश्वविद्यालय परिसर में ही निवास मिल जायेगा, जो कि लगभग पूर्णता की ओर है यह भी एक बड़ा काम है, इस भवन तथा इसकी चहार दीवारी के निर्माण से रीवा विश्वविद्यालय का कैम्पस सुरक्षित और सुन्दर हो रहा है, विश्वविद्यालय परिसर में ही कुलपति का निवास विश्वविद्यालयीन गतिविधियों को नई ऊचाई प्रदान करेगा।
 
विश्व के सबसे बड़े सौर ऊर्जा प्लांट का निर्माण रीवा के पास गुढ़ की बदवार पहाड़ियों पर प्रारम्भ है, 750 मेगावाट क्षमता का यह सौर ऊर्जा प्लांट नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कार्य है। इसके प्रारम्भ होने का श्रेय प्रदेश के मुखिया के कुशल नेतृत्व और आपके कठिन परिश्रम में छिपा है। इस प्लांट का निर्माण इस प्रकार किया जा रहा है कि भविष्य में इसकी क्षमता और भी बढ़ाई जा सकती है, खास बात यह है कि एशिया का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट मध्यप्रदेश के जमीन पर नीमच के पास भगवानपुरा डिकेन गांव में है और विश्व का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट भी मध्यप्रदेश के पावन धरती रीवा में स्थापित हो रहा है। आज सम्पूर्ण विश्व पर्यावरण प्रदूषण से जूझ रहा है और ऐसे समय में इस तरह से पर्यावरण हितैषी कार्य अति सराहना के कार्य है। यह कार्य केवल एक क्षेत्र विशेष के लिए नही वरन पूरे विश्व के लिए लाभकारी कार्य है।
 
ठोस अवशिष्ट से खाद् और बिजली बनाने का कार्य भी आपने अपने विधानसभा क्षेत्र के पहड़िया गांव में प्रारम्भ करा दिया है। कचरे से खाद् बनाने का कार्य तो पहले से ही प्रारम्भ था लेकिन अब उससे बिजली भी बनेगी इसके लिए आपने उच्च गुणवत्ता वाले संयंत्र की स्थापना के लिए सरकार से 150 करोड़ रूपये स्वीकृत कराये है। यह संयंत्र विश्वस्तरीय मानकों पर खरा उतरे इसके लिए आपने देश के और देश के बाहर स्थापित संयंत्रों का अध्ययन कराया है, जिससे सर्वाधिक सार्थक संयंत्र की स्थापना यहा पर की जा सकें, जिससे जहां एक ओर उच्च गुणवत्ता वाला यह संयंत्र कार्य करेगा वहीं आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर कल भी मिलेगा, यह कार्य देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के उस सपने को साकार रूप भी प्रदान करेगा, जो ग्रीन एनर्जी, क्लीन एनर्जी युक्त भारत का है।
आपके मार्गदर्शन में विकास के कई कार्य जहां चल रहे है, वहीं कुछ पूर्णता पाकर जनता की सेवा में समर्पित हो गये है तो कुछ ऐसे है जिनकी रूपरेखा साकार रूप लेने की दिशा में अग्रसर है, ऐसा ही एक कार्य है, रीवा में ‘‘लो कास्ट एयरपोर्ट’’ का निर्माण। आप इस विषय को लेकर काफी संजीदा है और इस कार्य के प्रारम्भ होने की तैयारियों का आप सतत् माॅनिटरिंग कर रहे है। स्थानीय, प्रदेशीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर इसके निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृतियों को लगभग पूर्ण कर लिया गया है, आने वाले समय में रीवा लो कास्ट एयरपोर्ट से सुसंज्जित हो जायेगा, जहां से बड़े विमान भी आवा-जाही कर सकेंगें और वह भी रात दिन बराबर।
ऐसा ही एक कार्य उर्वरक संयंत्र स्थापना का है अनूपपुर से उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली मिथेन गैस पाइप लाइन जिससे उत्तर प्रदेश में स्थापित उर्वरक कारखाने में उर्वरक का निर्माण किया जायेगा, वह पाइप लाइन रीवा जिले से निकल रही है, आप का प्रयास है कि रीवा जिले से निकलने वाली इस पाइप लाइन का उपयोग इस क्षेत्र में भी एक उर्वरक संयंत्र स्थापित करने में किया जाये जिससे इस क्षेत्र का विकास हो और युवाओं को रोजगार प्राप्त हो।
पतंजलि समूह के साथ अन्य समूहों से भी रीवा जिले के मऊगंज क्षेत्र में एक बड़े फूड पार्क के स्थापना का आपके द्वारा सतत् प्रयास किया जा रहा है, पतंजलि समूह के वरिष्ठ जनों से इस बारे में आपकी काफी चर्चा भी हो चुकी है, क्योंकि एक बड़े फूड पार्क के स्थापना के पहले स्थापना करने वाली कम्पनी क्षेत्र में अपने अनुकूलता के सभी पापदण्डों का अध्ययन करती है तो यह ग्रुप भी सभी आयामों का अध्ययन करा रही है। सरकार की तरफ से भी लगातार यह प्रयास है कि यहां पर फूड पार्क स्थापित हो जिससे किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल सके और यहां के युवाओं को रोजगार।
आज का समय सूचना प्रौद्योगिकी का है डिजटालाइजेशन के दौर में विकास की रफ्तार और लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में आज तकनीक में बहुत बड़ा काम किया है। इन सुविधाओं में आई.टी. का अहम किरदार है, आपकी सोच है कि रीवा क्षेत्र में एक आई.टी. पार्क विकसित किया जाये, जिससे यहां के सूचना प्रौद्योगिकी शिक्षा सम्पन्न युवाओं कोे रोजगार मिल सकें। इस पार्क की स्थापना के लिए जिन बुनियादी सुविधाओं का होना आवश्यक है उसकी पूर्ति में आप सतत् प्रयत्नशील है, रीवा का किया जा रहा आधुनिकीकरण और आधोसंरचना का विकास आई.टी. पार्क की स्थापना में अपना सकारात्मक सहयोग प्रदान करेंगें और इस सहयोग में निर्मित होने वाला लो कास्ट एयरपोर्ट प्रमुख भूमिका निभायेगा। आई.टी. के क्षेत्र में काम करने वालों की अच्छे आवागमन की सुविधा तथा रूकने रहने की सुविधाओं का होना आवश्यक है, और रीवा इस दिशा में सतत् अग्रसर है। विन्ध्य क्षेत्र के युवाओं को बाहर जा कर रोजगार के लिए न भटकना पड़े इस सोच के साथ इस दिशा में आप काम कर रहे है क्योंकि आज परिवारों का स्वरूप लगभग एकल हो गया है और जब ऐसे एकल परिवारों के युवा बाहर काम करने चले जाते है तो घर परिवार के बुर्जुगों तथा माता पिता की देखभाल करने वाला कोई नही रह जाता है एक सामाजिक त्रासदी की तरह का कार्य होता है। आपके पास ऐसे बुर्जुग माता-पिता लगातार आते रहते है जो कहते है कि घर में एकलौता बेटा है और वह भी यहां से दूर रोजीरोटी के लिए श्रम कर रहा है, यदि आप कहीं आस-पास नौकरी लगवा देतें तो बड़ी मेहरवानी होगी, क्योंकि युवाओं के ज्ञान के अनुसार यहा रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं है और ऐसे में आपके सामने बड़ी चुनौती आती है। अब बंगलौर की जगह कम से कम भोपाल इंदौर में यह सुविधा  तो माननीय शिवराज सिंह चैहान की सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में आपने प्रारम्भ करा दी, इंदौर, भोपाल में आई.टी. पार्क का सुदृणीकरण किया जा रहा है, जिससे ज्यादा से ज्यादा प्रदेश के युवाओं को प्रदेश में ही इस क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हो सकें। लेकिन आप इसे और पास लाना चाहते है और रीवा में लाना चाहते है जिससे बुर्जुगों की पीड़ा कम की जा सकें, युवाओं को रोजगार के अवसर और बुर्जुगों के सेवा के रूप में सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का अवसर प्रदान किया जा सकें। क्योंकि आपका मानना है कि विकास का मतलब सिर्फ ईंट, गारा, पत्थर की इमारते खड़ी करना बस नहीं है यह उसका एक भाग है असल विकास है लोगों के चेहरे में स्थाई खुशी लाना, सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करना और इंसान में इंसानियत का विकास करना।
अब कुछ पुराने पूर्ण हुये ऐतिहासिक कार्यों की बात कर ली जाये, विन्ध्य क्षेत्र का सबसे बड़ा बांध आज बाणसागर के रूप में मौजूद है जिसके पूर्णता में विंध्य क्षेत्र की कृषि विकास और पर्यावरणीय सुन्दरता में नई जान फूंक दी है। इसके कारण क्षेत्र में सिंचाई का रकवा बढ़ा है, जल स्तर बढ़ा है और सम्पूर्ण क्षेत्र कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है। इसी का परिणाम है कि हमारा प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर लगातार कई वर्षों से कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त कर रहा है। बाणसागर के पानी ने इस क्षेत्र के अस्तित्व को निखारने का काम किया है।
कुछ बातें स्थान, समाज, सभ्यता, देश का प्रतिमान होती हैं, ऐसी ही एक बात है विन्ध्य क्षेत्र में सफेद बाघ का पाया जाना। विश्व का पहला सफेद बाघ विन्ध्य क्षेत्र में ही पाया गया है और बाद में इसके वंशज पूरे दुनिया में छाये हैं। लेकिन ऐसा भी दुर्भाग्य रहा कि 40 वर्षों के समयांतराल हमारे विन्ध्य से ही यह अनुपम् धरोहर और पहचान खो गई थी, आपका प्रण था कि रीवा गौरव सफेद बाघ पुनः लाना है और उसे पूरे सम्मान के साथ अपनी मातृभूमि में चहलकदमी करने के लिए स्वतंत्र करना है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के सफल मार्ग दर्शन और आपके कुशल परिश्रम की पराकष्ठा वाले स्वभाव और प्रयास का यह सुफल रहा कि 3 अप्रैल 2015 में मुकुन्दपुर के माद जंगल में विश्व की पहली व्हाईट टाइगर सफारी का लोकापर्ण हुआ, जिसमें सफेद बाघों के पितामह मोहन की संतान विन्ध्या ने अपनी आमद देकर क्षेत्र के गौरव को पुनः स्थापित करने का कार्य किया। आज यह विश्व प्रसिद्ध व्हाइट टाइगर सफारी पर्याटकों के लिए खुला हुआ है, और विन्ध्य क्षेत्र के लोगों को अपने मान-सम्मान केा अक्षुण्य रखने की याद दिलाता है। इसी के साथ पर्याटको की सुविधा के लिए एम.पी. टुरिज्म का होटल विन्ध्या रिसार्ट भी खिदमत् में तैयार है।
रीवा के ऐतिहासिक रानी तालाब तथा इसकी मेंड़ पर स्थिति माँ भगवती का मंदिर इनका जिस रूप मे नवीनीकरण हुआ है, वह पूरे देश के लिए एक उदाहरण के रूप में स्थापित हुआ है। आज यह क्षेत्र जहां धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पूरे क्षेत्र में जगह बना चुका है, वहीं पूरा प्रोजेक्ट इस बात की गवाही देता है कि राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के विकास और संमृद्धि के साथ सुन्दरता के लिए जो चाहा उसे पूरा कर के दिखाया है।
चिरहुला का हनुमान मंदिर और उसका तालाब भी इस दिशा में किये गये प्रयासों का परिणाम है।
प्लाई ओवर, वाईपास, रिंग रोड, रीवा-हनुमना रोड का निर्माण भी आपके विकासवादी सोच के उदाहरण के रूप में उपस्थित है, रीवा से लखनादौन की सड़क का काम चल रहा है, रीवा, सतना तथा मनगवां, चाकघाट के सड़कों के निर्माण कार्य का बिलम्ब आपको परेशान करता है, जिससे लिए आप लगातार लगे है, और यही प्रयास है कि अगले वर्ष तक इन्हें पूर्णता की ओर ले जाया जा सके।
व्यापार के बिना सम्पन्नता नही है, और व्यावसायिक विकास के लिए रीवा मे नित नये व्यावसायिक प्रतिष्ठान बन और खुल रहें है। शासकीय जर्जर इमारतों की जगह आज सुन्दर आधुनिक व्यावसायिक इमारते खड़ी हो रही है, विकसित रीवा की परिकल्पना को यह इमारतें अवश्य ही साकार रूप देने में सहयोगी बनेगी।
बहुआयामी विकास की आवधारणा को लेकर आप स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा, खेल, व्यापार, पर्यटन, कृषि, के साथ पर्यावरण हितैषी आधुनिकीकरण की ओर रीवा को ले जाने का कार्य किया है।
रीवा विन्ध्य के जनप्रतिनिधि होने के कारण आपने क्षेत्र के विकास के लिए जहां तक परिश्रम किया है वहीं आपने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री का दायित्व निभाते हुये प्रदेश को देश का दूसरा ऐसा प्रदेश होने का गौरव दिलाया है जहां 24 घंटे और सरप्लस बिजली उपलब्ध है। जो क्षेत्र आजादी के इतने वर्षों बाद भी वि़द्युतीकरण से अछूते रह गये थे, उन्हें आपने मुख्य धारा में लाने का कार्य किया है। आज मध्यप्रदेश ऐसा प्रदेश है जिसमें अपनी आज की विद्युत आवश्यकता की पूर्ति क  साथ भविष्य की आवश्यकता की भी व्यवस्था कर रखी है। आने वाले समय में बिजली की कमी से प्रदेश को कभी भी दो -चार नही होना पड़ेगा। प्रदेश को यह गौरव आपके मंत्रित्वकाल में मिला है।
आपको भाजपा सरकार में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा जिस भी विभाग का दायित्व दिया गया है, उसे आपने शत प्रतिशत पूर्ण किया है। आज आपके पास उद्योग विभाग का दायित्व है और आपने इस दायित्व को पूर्ण करते हुए मध्यप्रदेश को बिजनेस ईज आफ डूइिंग मे  नम्बर एक पर ला दिया है। निवेशकों की पहली पसंद की रूप में मध्यप्रदेश उभर रहा है। युवाओं को स्वरोजगार की उपलब्धता में आसानी आई है।
खनिज विभाग का दायित्व निभाते हुए आपने प्रदेश के खनिज राजस्व में आश्चर्यजनक इजाफा कराया है, पर्यावरणीय हितैषी खनिज सम्पदा का दोहन आपकी सरकार का मंत्र है और इस धरातल में उतारते हुए आपके कुशल नेतृत्व में विभाग जहां अच्छा खासा राजस्व अर्जित कर रहा है, वहीं वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भी शत प्रतिशत  पालन कर रहा है, जिस जगह से राजस्व प्राप्त हो उस जगह को उसका अंश लाभ पहले मिले इस दिशा में आपने ऐतिहासिक कार्य किया है। इस कार्य से वह क्षेत्र भी आज विकास की मुख्य धारा में आ गये है जो कभी पिछड़े क्षेत्र के रूप में गिने जाते थे। प्रदेश के ऊपर बीमारू राज्य का तमगा लगा था उसे आपकी सरकार ने पूरी तरह से हटा दिया है, और आज सबसे विकाशील राज्य के रूप में मध्यप्रदेश को देश-विदेश में देखा जा रहा है।
जब आप के पास वन मंत्री का दायित्व था तो आपने वनों के संरक्षण संवर्धन के साथ जो वन क्षेत्र वीरान और बंजर हो चुके थे, उन्हें पुनः हरा-भरा करने का बीड़ा उठाया था, उसकी एक वानगी के रूप में मऊगंज क्षेत्र में गढ़वा की पहाड़ी है। जब आप वन मंत्री बने और क्षेत्र के लोगों से मिले तो लोगों ने बताया कि गढ़वा का यह जो वीरान क्षेत्र आप देख रहे है कभी  यह हरा-भरा घना जंगल हुआ करता था, लेकिन आज एक भी पेड़ नहीं बचे है। आपने इस कार्य को संकल्प के रूप में लिया और 25 हजार एकड़ में आज वन विकास निगम की देख-रेख में जंगल लहलहा रहा है।
जनसम्पर्क मंत्री के रूप में आपका कार्यकाल भी सर्वाधिक सफल कार्यकालों में से एक है, आपके जनसम्पर्क मंत्री दायित्वकाल में उज्जैन का पिछला सिंहस्थ सम्पन्न हुआ, जिसमें सफल प्रचार-प्रसार का परिणाम रहा कि विश्व के कोने-कोने से लोग आये विभाग के द्वारा किया गया प्रचार-प्रसार लोगों के शंका विमोचन कार्य में सफल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप श्रध्द्धालुओं ने इस सिंहस्थ में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पत्रकारों के हित में सर्वाधिक न्यायगत कदम आपके कार्यकाल में उठाये गये और पत्रकार स्वास्थ्य बीमा आपके समय प्रारम्भ किया । पत्रकारों के सम्मान का कार्याक्रम जो लम्बे समय से लम्बित था, आपके कार्यकाल में पूर्ण हुआ। स्वास्थ्य तथा दुर्घटना बीमा में आपने सभी पत्रकारों को जोड़ा है, इसमें बीमा प्रीमियम की राशि का एक भाग जहां पत्रकार से लिया जाता है वहीं तीन भाग मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जमा किया जाता है, पत्रकार के साथ उसके परिवार को भी इस सुविधा में सम्मिलित किया गया है। यह पत्रकारों के हित में एक बहुत बड़ा मानवीय कदम है।
आपके द्वारा किये गये और किये जा रहे जनहितैषी कार्यों को लिखते समय लगता है कि क्या लिखे और क्या छोड़े, कृषि के क्षेत्र में आपने कृषकों के हित में ऊर्जा मंत्री के रूप में विद्युत सरचार्ज माफी का ऐतिहासिक कार्य किया था, जो अब एक नियम की तरह है।
मंदिरों का जिर्णोंद्धार, गौ शाला निर्माण, गौ अभ्यारण्य को साकार रूप दिये जाने का कार्य अतुलनीय है। गाय भारत की आत्मा है, गौ वंश की समृद्धि से भारत की समृद्धि है, गौ वंश की भारत में धार्मिक महत्व तो भालीभाँति है लेकिन यथार्थ भी यह है कि यह भू-भाग सोने की चिड़िया तब रहा है, जब गौवंश समृद्धिशाली रहा है। भारत की यह देव भूमि गौवंश के पदचापों से पवित्र होती है तो उसके सहयोग से पल्लवित। आपने बेसहारा गौवंश के लिए गौशाला का निर्माण कराया है जहां बीमार, बेसहारा गौवंश का लालन-पालन होता है। बसामन मामा के वन क्षेत्र में तथा माँ शादा मैहर की पहाड़ी के वन क्षेत्र में विशाल गौ अभ्यारण्य को मूर्तरूप देने का कार्य प्रारम्भ है। यह महान कार्य हमारी अस्मिता और पहचाने के कार्य है। इस दिशा में आपके द्वारा सतत् कार्य किया जा रहा है जिससे हमारी यह भारत भूमि पुनः अपने सर्वोच्च गौरव की प्राप्त कर सकें।
आज आपका जन्मदिन है। पूर्वजों का पुण्य प्रताप है माता श्री के आशीर्वाद के साथ आपके पिता विन्ध्य के महान, ख्यातिलब्ध समाजसेवी, संविदाकार, स्व. भैयालाल शुक्ल जी के जीव जगत के साथ किये गये पुण्य कर्माें का फल है, जिसके आशीर्वाद स्वरूप आप प्रतिदिन नई ताकत के साथ लोक कल्याण के कार्यों को सम्पादित कर रहे हैं। लोक की मंगल शुभ कामना आपको स्वतः प्राप्त हो ही रही है।
ईश्वर आप पर सदैव आपने स्नेह की वर्षा करते रहें  और हम सब की तरफ से यही शुभेच्छा है कि आप सतत् निर्वाध रूप से प्रगति पथ पर अग्रसर रहते हुये अपने मनोवांछित लोक मंगल तथा प्राणी जगत के कल्याण के दैवतुल्य कार्यों को साकार रूप प्रदान करते रहें।
पुनः जन्मदिन की कोटि-कोटि बधाई!
                                                        अजय नारायण त्रिपाठी ‘‘अलखू’’

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आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

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अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


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