You are here:  / रीवा / मुख्यमंत्री स्वरोजगार ऋण वितरण कार्यक्रम सम्पन्न

मुख्यमंत्री स्वरोजगार ऋण वितरण कार्यक्रम सम्पन्न

reewa-17-3-2016-b22-

उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंक अधिकारी सम्मानित

उद्यमियों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं में ऋण उपलब्ध कराते हुये स्वावलंबी बनाने के आशय से प्रारंभ मुख्यमंत्री स्वरोजगार ऋण वितरण की एक दिवसीय कार्यशाला कमिश्नर एस.के. पॉल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर उल्लेखनीय सफलता व उपलब्धि हासिल करने वाले बैंक अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।
कमिश्नर एस.के. पॉल ने अपने उदबोधन में कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से जहां एक ओर उद्यमी बनकर अपना उद्योग लगाने में युवाओं को मदद मिलती है वहीं इससे क्षेत्र की आर्थिक खुशहाली व रोजगारसृजन का भी रास्ता खुलता है। इससे न सिर्फ एक परिवार लाभान्वित होता है वरन अन्य परिवारों को भी रोजगार के संसाधन मुहैया होते हैं। उन्होंने बैंकर्स से अपेक्षा की कि वह अण्डर फायनेंसिंग न करें। अंडर फायनेंस के कारण वह व्यक्ति न तो स्वयं लाभ ले पाता है और न ही अन्य व्यक्तियों को उसके उद्यम का फायदा मिल पाता है।
कमिश्नर ने उद्योग विभाग सहित अन्य विभागों से अपेक्षा की कि शासन द्वारा स्वरोजगार योजनाओं के लक्ष्य प्राप्ति हेतु चालू वित्तीय वर्ष के शेष बचे दिनों में तत्परतापूर्वक कार्य करें तथा बैंकों से समन्वय स्थापित करते हुये हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराने में आगे आयें और उन्हें गरीबी रेखा से ऊपर उठाने में सहायक बनें। उन्होंने जिले में कृषि के क्षेत्र में ऋण उपलब्धता पर जोर दिया क्योंकि आगे आने वाले समय में रीवा जिले का काफी भाग सिंचित हो जायेगा।
इस अवसर पर कलेक्टर राहुल जैन ने कहा कि शासन की स्वरोजगार योजनाएं युवाओं को सक्षम बनाने में सहायक होती हैं जिले के युवा इनका लाभ लेकर विभिन्न इकाईयां स्थापित कर रहे हैं। जिले में उद्योग का जाल बिछाने की आवश्यकता है जिससे बेरोजगारी की समस्या का हल होगा और विभिन्न प्रकार के उत्पाद भी स्थानीय स्तर पर बनने लगेंगे। उन्होंने हितग्राहियों से अपेक्षा की कि समय पर ऋण की अदायगी करें जिससे उनकी साख बैंक में बनी रहे और बैंक भी उस क्षेत्र के अन्य व्यक्तियों को ऋण देने में आगे बढ़कर सहयोग कर सके। उन्होंने बैंकों को आश्वस्त किया कि ऋण वसूली में जिला प्रशासन आपके साथ खड़ा है।
कलेक्टर ने बताया कि बैंक के ऋण न चुकाने वालों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही का भी प्रावधान है। बैंकर्स समन्वय बनाकर विभागों की योजनाओं की लक्ष्य प्रप्ति में सहयोग करें। गलत ऋण प्रकरणों की स्वीकृति न दें जिससे जरूरतमंद को ही इसका लाभ मिले। उन्होंने अपेक्षा की कि जिला विभिन्न योजनाओं में प्रदेश स्तर पर अच्छे रैंक में हैं और सभी के समन्वय व प्रयासों से इसे उत्कृष्ट स्थान पर पहुंचाना है। कलेक्टर ने उपस्थितजनों से स्वच्छ भारत मिशन के तहत आगामी 15 अगस्त तक जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने में सहयोग की भी अपेक्षा की।
इस अवसर पर एजीएम यूनियन बैंक एस.के. अग्रवाल, डी.जी.एम. एन.पी.एस. अहलूवालिया सहित स्थायी उद्योग समिति के सभापति प्रमोद कुशवाहा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। युवा उद्यमियों डा. गौरव अग्रवाल, डा. दिलीप दीपांकर व निशा पटेल ने भी अपने अनुभव इस दौरान सुनाये। कार्यक्रम में महाप्रबंधक यू.बी. तिवारी ने स्वागत उदबोधन देते हुये कार्यशाला के उद्देश्य के विषय में जानकारी दी। उद्योग विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, बैंकर्स व उद्यमी एवं हितग्राही उपस्थित थे। महाप्रबंधक उद्योग एच.बी. चंदेरिया के आभार प्रदर्शन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन जे.पी. एस. तिवारी ने किया।

YOU MIGHT ALSO LIKE

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked ( * ).