समाचार

Category Archives: आलेख


अगर सबकुछ समयानुसार रहा तो बढ़ती हुयी पेट्रोल -डीजल की कीमत देश के लिए वरदान और देश के दुश्मनों के लिए अभिशाप साबित होगी ।खास बात यह भी है कि देश मे आने वाले इस क्रांतिकारी बदलाव की मुख्य धुरी Read more…


उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, जन्मदिन विशेष लोक कल्याण से जिन्हें मिलती है आत्मसंतुष्टि ऐसे हैं अपने राजेन्द्र भैया बात अभी पिछले महीने की है मैं आवश्यक कार्यवश भोपाल गया था, कई लोगों के साथ मैं उद्योगमंत्री माननीय राजेन्द्र शुक्ल जी Read more…


उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल तथा अभिनेता रणधीर कपूर राजकपूर स्मृति आँडिटोरियम के प्रस्तावित निर्माणाधीन भवन के नक्शे को देखते हुए माँ, मानव, महानिर्वाण के अतृप्त अन्वेषी राज कपूर अजय नारायण त्रिपाठी 14 दिसम्बर 1924 को जन्में भारतीय सिनेमा जगत के Read more…


03 अप्रैल 2016 को विश्व की पहली व्हाइट टाइगर सफारी का शुभारंभ रीवा के पास सतना जिले के मुकुन्दपुर में माद के जंगल में किया गया । आज लगभग सभी को मालुम है कि विश्व का पहला सफेद बाघ रीवा Read more…


दिनांक 03 अपैल 2016 आज मुकुंदपुर टाइगर सफारी सतना की चर्चा काफी बढ़ गई है साथ ही यहां चहल-पहल भी उसी गति से बढ रही है। सुबह से ही यहां लोगों का आना जाना प्रारंभ हो गया, यह रीवा के Read more…


मालवा के पठार में जो अनेक उत्तर वाहिनी नदियाँ हैं उनमें यद्यपि चम्बल, पार्वती तथा बेतवा सबमें बड़ी हैं परंतु सांस्कृतिक द्रष्टया अवंति प्रदेश की क्षिप्रा ही सर्वोपरि मानी जाती है। अवंति महात्म्य में कहा है- नास्ति बस्त न ही Read more…

आलेख – अजय नारायण त्रिपाठी

Smiley face

अविस्मरणीय गौरवमयी पल व्हाइट टाइगर सफारी लोकार्पण

मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है बचाने वाले से पालने वाला और जो लाए, बचाए, पाले उसकी बडाई का कहना ही क्या। सन 1976 में रीवा से सफेद बाघ का नाता टूट गया था अंतिम बाघ विराट के न रहने पर पूरा विन्ध्य केवल सफेद बाघ की कहानी गायक बन कर रह गया। राजेन्द्र शुक्ल की तब उम्र केवल 12 वर्ष की थी ऐसा बालमन जो कौतूहलो से भरा रहता है जो खेलना चाहता है, घूमना चाहता है, प्रकृति को आष्चर्य भरी निगाहों से निहारता है और फिर सवाल उठाता है बारिस क्यो होती है? इसका पानी कहां जाता है? बीज से पेड़ कैसे बनते है? जंगल क्यो है? जीव जन्तु क्यो जरूरी है? इन्द्रधनुष कैसे बनता है? पेड़ हरे क्यो हैं? इन सब सवालो के जबाव स्कूलो में मिलने की उम्र भी यह है। इस अवस्था में प्रकृति प्रेमी इस बच्चे ने यह जाना की हमारा क्षेत्र जो सफेद बाघ के गौरव से परिपूर्ण था अब वह विहीन हो चुका है। हम अब कभी सफेद बाघ इस क्षेत्र में नही देख पायेगें सफेद बाघ कैसा होता है अब यह केवल चित्रों के माध्यम से दूसरो को बता पायेंगे या फिर अन्य जगहांे पर जा कर देख पायेगें जहां पर यहीं के सफेद बाघ भेज दिए गए हैं। .. आगे पढ़ें


SuperWebTricks Loading...