You are here:  / आलेख

आलेख

  • प्रयास मे मोदी सरकार, मुफ्त चलेंगे दोपहिया बस ट्रक कार

    अगर सबकुछ समयानुसार रहा तो बढ़ती हुयी पेट्रोल -डीजल की कीमत देश के लिए वरदान और देश के दुश्मनों के लिए अभिशाप साबित होगी ।खास बात यह भी है कि देश मे आने वाले इस क्रांतिकारी बदलाव की मुख्य धुरी बनेगा अपना विन्ध्य। मध्यप्रदेश और इसका यह विंध्य भाग इस महत्वपूर्ण कार्य को मुकाम तक…

    Read more
  • लोक कल्याण से जिन्हें मिलती है आत्मसंतुष्टि ऐसे हैं अपने राजेन्द्र भैया

    उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, जन्मदिन विशेष लोक कल्याण से जिन्हें मिलती है आत्मसंतुष्टि ऐसे हैं अपने राजेन्द्र भैया बात अभी पिछले महीने की है मैं आवश्यक कार्यवश भोपाल गया था, कई लोगों के साथ मैं उद्योगमंत्री माननीय राजेन्द्र शुक्ल जी के पास बैठा था कि आपके पी.ए. ने आपको सूचना दी कि सर फला-फला व्यक्ति…

    Read more
  • माँ, मानव, महानिर्वाण के अतृप्त अन्वेषी राज कपूर

    उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल तथा अभिनेता रणधीर कपूर राजकपूर स्मृति आँडिटोरियम के प्रस्तावित निर्माणाधीन भवन के नक्शे को देखते हुए माँ, मानव, महानिर्वाण के अतृप्त अन्वेषी राज कपूर अजय नारायण त्रिपाठी 14 दिसम्बर 1924 को जन्में भारतीय सिनेमा जगत के ’’द ग्रेट शो मैन’’ के नाम से जाने जाने वाले महान अभिनेता राजकपूर का आज…

    Read more
  • सफेद बाघिन राधा की मृत्यु एक दुःखद समाचार

    03 अप्रैल 2016 को विश्व की पहली व्हाइट टाइगर सफारी का शुभारंभ रीवा के पास सतना जिले के मुकुन्दपुर में माद के जंगल में किया गया । आज लगभग सभी को मालुम है कि विश्व का पहला सफेद बाघ रीवा जिले के सीधी के बरगड़ी के जंगल में तत्कालीन रीवा महाराज मार्तण्ड सिंह जूदेव के…

    Read more
  • अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 29 जुलाई के आलोक में मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी – अजय नारायण त्रिपाठी “अलखू “

    दिनांक 03 अपैल 2016 आज मुकुंदपुर टाइगर सफारी सतना की चर्चा काफी बढ़ गई है साथ ही यहां चहल-पहल भी उसी गति से बढ रही है। सुबह से ही यहां लोगों का आना जाना प्रारंभ हो गया, यह रीवा के पास सतना जिले का वह मांद जंगल है जहां विश्व की पहली व्हाइट टाइगर सफारी,…

    Read more
  • पुण्य-सलिला क्षिप्रा नदी

    मालवा के पठार में जो अनेक उत्तर वाहिनी नदियाँ हैं उनमें यद्यपि चम्बल, पार्वती तथा बेतवा सबमें बड़ी हैं परंतु सांस्कृतिक द्रष्टया अवंति प्रदेश की क्षिप्रा ही सर्वोपरि मानी जाती है। अवंति महात्म्य में कहा है- नास्ति बस्त न ही पृष्ठे क्षिप्राया सदृशी नदी यस्यातीरे क्षणामुक्ति किंचिरास्ते बिलेन वै इस महात्म्य प्राप्ति का एक लंबा…

    Read more